Implementation के बिना ज्ञान कचरा है-motivational story

हमें सब सफलता के बारे में सब कुछ पता है। । हम सभी मार्गों को जानते हैं। हमें सफल होने के लिए किसके पालन करने की आवश्यकता है। लेकिन सवाल यह है कि हम सफल क्यों नहीं हैं।

पता है, पृथ्वी पर केवल एक प्रतिशत लोग सफल हैं या वे खुद को सफल मानते हैं।

प्रश्न ये है बाकी उन नब्बे प्रतिशत लोगों के साथ क्या हुआ।

इसी लिए मैं आपको बहुत छोटी कहानी बताना चाहता हूं जो इस प्रश्न का उत्तर दे सकता है।

एक लड़का था, वह तैरना चाहता था लेकिन उसे स्विमिंग पूल मैं तैरने के लिए उतरने से बहुत डर लगता था । वह पानी से बहुत डरता था, वह सोचाता अगर वह पानी में कूद जाएगा तो ,मैं कभी बाहर नहीं आऊंगा।
तो उसने कभी तैरने का या पानी मैं उतरने का साहस नहीं किया। तो वह स्विमिंग पूल के बगल में बैठता था। और वह से लोगों को तैरते देखता

वही एक दूसरे कोने मैं बैठा दूसरा लड़का देखता था एक दिन उसके पास जाके बोलता है मेरे प्यारे दोस्त मैंने हमेशा आपको यहाँ बैठे तैरते लोगो न को देखते हुवे देखा है लेकिन कभी स्विमिंग पूल मैं तैरते हुए नहीं देखा

तभी लड़के ने कहा कि मैं पानी से बहुत डरता हूं। मुझे नहीं पता कि कैसे तैरना है, यही कारन है की मैं पानी में नहीं कूदता हूं। मुझे पता है की मैं कूदने के बाद बाहर नहीं आने वाला हूँ।

तभी दूसरे लड़के ने कहा कि मेरे पास आपके लिए एक युक्ती है। आप कुछ स्विमिंग पर कुछ किताबें क्यों नहीं पढ़ते हैं।

वह ये सुनकर खुश हुवा और बाजर से कुछ किताबे खरीद कर उसमे से स्विमिंग के बारे मैं खूब पढाई की लेकिन फिर भी उसे आत्मविश्वास नहीं था की वो तैर सकता है

वह फिर वही व्यक्ति से फिर से मिला और सब कहानी बताई

व्यक्ति ने कहा मेरे पास तुम्हारे लिए एक और समाधान है.तुम टेलीविजन पर कुछ स्विमिंग प्रतियोगिता क्यों नहीं देखते हो, इसीसे तुम्हे परिचय और आत्मविश्वास दोनों मिलेंगे

उसे विचार पसंद आया,आपको पता है कि उसने इसलिए अपने को एक कमरे के अंदर खुद को बंद कर दिया और एक महीने तक वह तैराकी प्रतियोगिताओं को देखता रहा फिर

एक महीने बाद वह आत्मविश्वास से भरा , उसने दरवाजा खोला, बाजार में गया, और  स्विमिंग के लिए जरूरी कुछ सामान खरीदा और जा कर पानी में कूद गया। .

लेकिन सवाल यह है कि वह बाहर आया ,सवाल यह है की वह स्विमिंग सिखा

अगर आप कहेंगे ” नहीं ”

…. तो आप गलत हैं।

आप कहेंगे क्यूँ…. न तो वो बाहर आया न की स्विमिंग सीखा तो हुवा क्या। …….

उसे बाहर लाया गया था, उसे पानी से बाहर निकाला गया था तो मुद्दा यहाँ हे की  Knowing is knowing. and doing is doing.

सो  दोस्तों   यहाँ हमें सिख मिलती है की    Implementation के बिना ज्ञान कचरा है।  (Knowledge without implementation is garbage.)

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